निर्गमन- ३४:१-९ मुख्य वचन ८ -९

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हमारा परमेश्वर जो दयावान और अनुग्रहकारी है, धीरजवन्त और भलाई और सत्य है उसकी स्तुति हो आमेन हर दिन जब… Read More

यूहन्ना- ५:१९-३०

सारी स्तुति और महिमा हमारे उधारकर्ता प्रभु यीशु मसीह की है। आमेन आज का वचन उन सभी के लिए एक… Read More

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सभोपदेशक- १२:१३-१४

१३ सब कुछ सुना गया; अन्त की बात यह है कि परमेश्वर का भय मान और उसकी आज्ञाओं का पालन… Read More

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१ शमूएल३:१९

१ शमूएल३:१९ -और शमूएल बड़ा होता गया, और यहोवा उसके संग रहा, और उसने उसकी कोई भी बात निष्फल होने… Read More

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गिनती– ३२:८-१५

८ जब मैं ने तुम्हारे बापदादों को कादेशबर्ने से कनान देश देखने के लिये भेजा, तब उन्होंने भी ऐसा ही… Read More

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यूहन्ना- ५:३०

मैं अपने आप से कुछ नहीं कर सकता; जैसा सुनता हूं, वैसा न्याय करता हूं, और मेरा न्याय सच्चा है;… Read More

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नीतिवचन- १३:६-७

६ धर्म खरी चाल चलने वाले की रक्षा करता है, परन्तु पापी अपनी दुष्टता के कारण उलट जाता है:७ कोई… Read More

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भजन संहिता- १३९:१२

भजन संहिता- १३९:१२तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और… Read More

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व्यवस्थाविवरण- ५:२९

व्यवस्थाविवरण- ५:२९ भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब… Read More

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मत्ती- ५:१६

उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग… Read More

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