व्यवस्थाविवरण- १०:१२-१३

Ginati 32
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और अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उस से प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे,
और यहोवा की जो जो आज्ञा और विधि मैं आज तुझे सुनाता हूं उन को ग्रहण करे, जिस से तेरा भला हो? व्यवस्थाविवरण- १०:१२-१३
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यशायाह- ५५:६ कहता है
*”जब तक यहोवा मिल सकता है तब तक उसकी खोज में रहो, जब तक वह निकट है तब तक उसे पुकारो.”*


आज हम जिन्हें प्रभु ने बुलाया है खुद के लिए हर उस चीज की खोज करते है सिवाय उसके जो हमे शुरवात से प्रेम करता है।

प्रभु का वचन :
*सेनाओ का यहोवा यह कहता है “हम अपना रास्ता भूल गए हैं और अपना मार्ग खो कर भटक गए है”.

मुझे सुनो ओह तुम लोगो और समझो की तुम्हारा प्रभु परमेश्वर तुम्हे आशीषित करना चाहता था, लेकिन जब तुम आशीषित हो गए तब तुम मोटे हो गए और अपने परमेश्वर को भूल गए। आपने अपनी आँखों को लोभ से भर दिया है और कभी संतुष्ट नहीं हैं। इसलिए तुम नाश हो गए। इसके लिए आप ही हैं जिन्होंने धार्मिकता और जीवन के बजाय मृत्यु और विनाश को चुना है।
मेरा वचन पूरी पृथ्वी पर फैल गया है और इसे प्रत्येक जीवित प्राणी समझ गया है, लेकिन आप अपने मार्ग से फिरे नहीं और न ही आपने अपने हृदय में पश्चाताप किया जिससे खुद पर विनाश और श्राप लाया है।

अपनी आँखों से देखें और समझें और बुद्धि की खोज करो और उसका पीछा करो। फसल को इकट्ठा करने के लिए चार हवाएं दुनिया में चली गई हैं लेकिन मेरे लोग समय को परख नहीं पा रहे हैं।

दया को खोजो और सत्य की ख़ुदाई करो और अपने परमेश्वर के पास वापस लौट आओ।

वह हमेशा यही चाहता है कि आप उसके भय में रहे और उसके सभी मार्गो पर चलें और उससे प्रेम करें और अपने पूरे ह्रदय से और अपने पूरे प्राण के साथ उसकी आज्ञाओं और उसकी विधियों को माने जो उसने आपके भले के लिए दी है।

यह जान लो कि तुम्हारा परमेश्वर एक है और उसके अलावा कोई दूसरा परमेश्वर नहीं है। फिर भी आपने उसे अपने सभी मार्गो से त्याग दिया है और अपने लिए अन्य परमेश्वर की तलाश की है। चाँदी का परमेश्वर और सोने का परमेश्वर।जैसे पुराने इस्राएल के पापो के दिनों में था उसी तरह तुम भी उसी मार्ग पर चले गए यह सोचे बिना की किताबो में क्या उल्लेख किया है और वे उस पीढ़ी में किस तरह नाश हुए।प्रभु कहते हैं फिर भी आपको एहसास नहीं हुआ है और एक हठीले लोग हो । मुझे ऐसे समय मे खोजो जब में तुम्हे मिल सकता हु और यदि तुम अपने मार्ग में सुधार लाओगे और अपनी मूर्खता से पीछे हटोगे तब में श्राप को आशिष में बदल दूंगा और इस पीढ़ी में भी अपने साथ चलने दूंगा। आमेन
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नीतिवचन- १:७ – यहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल है; बुद्धि और शिक्षा को मूढ़ ही लोग तुच्छ जानते हैं।

प्रभु का वचन सुनकर पश्चाताप करो और बदलो कि न्याय के दिन में तुम्हारे साथ अच्छा हो। आमेन


प्रभु आशिषित करे
पासवान ओवेन

मत्ती-४:४ – उस ने उत्तर दिया; कि लिखा है कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा।
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